जगत जननी माँ
माँ दुर्गा शक्ति, संरक्षण और विजय की देवी हैं। वे अज्ञानता, भय और अन्याय का नाश कर भक्तों को साहस और शांति प्रदान करती हैं। माँ दुर्गा के नौ रूपों को नवदुर्गा कहा जाता है, जो नवरात्रि में पूजे जाते हैं — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। उनका स्वरूप सौम्य और रौद्र दोनों है। महिषासुर मर्दिनी के रूप में वे बुराई पर विजय का प्रतीक हैं। वे दस भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं।
मंत्र:
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।
अर्थ:
हे दुर्गा माता! आपके विभिन्न रूपों को नमस्कार। आप सभी का पालन करने वाली हैं।
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